• शनिवार, जुलाई 20, 2019
:: उच्चतर शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शिक्षक और शिक्षण पर पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय मिशन की योजना के अंतर्गत शिक्षक शिक्षण केन्द्र के लिए विद्यापीठ के शिक्षाशास्त्र विभाग को स्वीकृति प्रदान की है |
खोज
खोज :
स्टाफ लोग इन
 
सूची
 
  विद्यापीठ
शैक्षणिक
सुविधाएँ
ई-संसाधन
ई-शिक्षण
दृश्यावली
पूर्व स्नातक
परीक्षा परिणाम
विद्यापीठ समाचार पत्रिका

 
नवीन सूचनाएँ
कैंटीन अनुबंध   
डाउनलोड: अधिसूचना
दर्शन संकाय के अंतर्गत विभागीय शोध समीक्षा समिति की बैठक   
डाउनलोड: अधिसूचना
विद्वत्परिषद् परिषद की बैठक के संबंध में अधिसूचना   
डाउनलोड: कार्यालय आदेश
Advt no. 03/2018 में प्रकाशित कुक के पद के लिए स्कील टेस्ट के संबंध में अधिसूचना।   
डाउनलोड: अधिसूचना
2019-20 के लिए बी.ए. (योग) और एम.ए. (योग) पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अगली तिथि के संबंध में अधिसूचना   
डाउनलोड: सूचना
Advt no. 03/2018 में प्रकाशित कनिष्ट लिपिक के पद के लिए स्कील टेस्ट के संबंध में अधिसूचना।   
डाउनलोड: अधिसूचना
2019-20 के दौरान पुस्तकालय समितियों के गठन के संबंध में कार्यालय आदेश   
डाउनलोड: कार्यालय आदेश
शिक्षाशास्त्री तथा शिक्षाचार्य पाठ्यक्रम प्रवेश -2019 की काउंसलिंग के संबंध में अधिसूचना   
डाउनलोड: अधिसूचना
विद्यावारिधि पाठ्यक्रम प्रवेश 2019 के संबंध में काउंसलिंग सूचना   
डाउनलोड: सूचना
Advt. no. 03/2018 में प्रकाशित कनिष्ट लिपिक और कुक के पद के संबंध में अधिसूचना   
डाउनलोड: अधिसूचना
 
 
 
अन्य गतिविधियां

परिसर की सुरक्षा
 

कुलानुशासक के निर्देशन में विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा-व्यवस्था का भी संचालन किया जाता है। इस व्यवस्था को सुचारु रूप से क्रियान्वित करने के लिये दिल्ली स्थित पंजीकृत सुरक्षा-संस्थानों को आमन्त्रित निविदाओं के आधाार पर नियमानुसार एक वर्ष के लिये अवसर दिया जाता है। यह अवधि संस्थान की सन्तोषजनक कार्य-शैली को ध्यान में रखते हुए मात्र एक वर्ष के लिये और बढ़ायी जा सकती है। इस सत्र में हमारे विद्यापीठ की सुरक्षा व्यवस्था एससीएफ-35-36,पार्ट-ा, सैक्टर-16-ए, हरियाणा- 121002 स्थित ‘सैन्टीनल’ के सुरक्षा-कर्मी कुशलता के साथ सम्भाले हुए हैं। इस सुरक्षा-संस्थान के पन्द्रह सदस्य आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में प्रतिदिन कार्य करते हैं, इनमें इनका निरीक्षक भी सम्मिलित है जो भूतपूर्व सैनिक ही होता है। परिसर के प्रमुख दो द्वारों पर कुलपति आवास पर रात्रि में प्रतिदिन एवं अवकाश दिवसों में छात्रवास पर तथा साथ ही पूरे परिसर में पेट्रोलिंग करते हुए दिन एवं रात्रि में उपस्थित गार्ड, सुरक्षा से सम्बद्ध विभिन्न गतिविधियों का नियन्त्रण एवं सूक्ष्म आकलन करते हैं। सुरक्षा कर्मियों की कार्य-शैली का आकस्मिक निरीक्षण एवं सन्तोषजनकता का निर्धारण समय - समय पर कुलानुशासक द्वारा किया जाता है।

 
एन.सी.सी.
 

विद्यापीठ में एन.सी.सी. की प्रशिक्षण व्यवस्था के निरीक्षणार्थ एवं संचालनार्थ एन.सी.सी अध्किारी के रूप में विद्यापीठ के प्रो. पीयूषकान्त दीक्षित एवं डॉ. मीनू कश्यप का चयन, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय साक्षात्कार समिति ने 8 अगस्त, 1996 को किया। चयन के साथ ही इन दोनों अध्किारियों को सेकेण्ड लेपफ्टीनेंट की उपाध् िप्रदान की गयी। चयन की शर्त के परिप्रेक्ष्य में इन दोनों अध्किारियों ने 1997-98 में आपिफसर्स ट्रेनिंग स्कूल, कामठी, नागपुर एवं आपिफसर्स ट्रेनिंग स्कूल, ग्वालियर में संपन्न पुनश्चर्या पाठ्यक्रम में सम्मिलित होकर आवश्यक सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। ये दोनों एन.सी.सी. अध्किारी 9 अगस्त 1999 से लेपफ्टीनेंट उपाध् िपर प्रोन्नत हुए। प्रो0 पीयूषकान्त दीक्षित ने 9 अगस्त, 2004 से कैप्टन पद पर प्रोन्नति के लिये अपेक्षित ‘अपिफसर्स टेªनिंग अकादमी’ ;ओ.टी.ए.द्ध कामठी, नागपुर में 24 पफरवरी, 2003 से 25 मार्च, 2003 तक सम्पन्न पुनश्चर्या पाठ्यक्रम में विशेष सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया । नूतन उत्साह एवं एकता तथा अनुशासन की भावना से भरपूर विद्यापीठ के एन.सी.सी. छात्रों एवं छात्राओं ने विगत सत्रा में अनेक प्रकार के राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा देश के सुदूर दुरूह अंचलों में एन.सी.सी. के माध्यम से विद्यापीठ के नाम को ऊँचा करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति का भी प्रचार-प्रसार बड़ी कुशलता के साथ किया। इतने कम समय में विशिष्ट उपलब्ध्यिों के लिए हमें अपने छात्रों पर गर्व है।

 
क्रीड़ा स्पर्धा
 

स्वस्थ शारीरिक और मानसिक विकास के लिए विभिन्न खेलों एवं खेल प्रतिस्पर्धओं का अपना महत्त्व है । इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए विद्यापीठीय छात्रा-छात्राओं के लिए विभिन्न खेलों की सुविध उपलब्ध् कराई गई है तथा खेल प्रतिस्पर्धओं के माध्यम से वार्षिक खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है । वर्ष 2003-2004 में भी विद्यापीठीय वार्षिक खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।

वार्षिक खेल-कूद प्रतियोगिता में क्रमशः योगासन, मल्लयु(, कबड्डी, क्रिकेट एवं बैडमिंटन एकल ;छात्रा एवं छात्रा वर्गद्ध सम्बन्ध्ी क्रीड़ा प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया । अन्तिम चरण के रूप में धवन-पथ प्रतियोगिता संबंध्ी विभिन्न प्रतिस्पर्धओं तथा भारोत्तोलन एवं म्यूजिकल चेयर आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन दिनांक 25.03.2004 से 26.03.2004 को सम्पन्न कराया गया । धवन प्रतियोगिता का उद्घाटन कुलपति जी ने किया जिसमें इण्डियन बैंक के अध्किारियों ने भी भाग लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए लगभग 75 विजेता छात्रा-छात्राओं को इंडियन बैंक के सहयोग से दिनांक 06.04.2004 को पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन कर पुरस्कार वितरित किये गये । पुरस्कारों का वितरण कुलपति जी एवं इण्डियन बैंक के अध्किारियों द्वारा किया गया। विद्यापीठीय वार्षिक खेल-कूद प्रतियोगिता के अतिरिक्त अन्तर्विश्वविद्यालय खेल-कूद प्रतियोगिता 2003-2004 के क्रम में विद्यापीठ की ओर से 16 छात्रों के एक दल ने चौ. चरणसिंह विश्वविद्यालय, मेरठ द्वारा दिनांक 26.11.2003 से 13.12.2003 तक आयोजित उत्तर क्षेत्राीय क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लिया । टी.एम. भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर द्वारा दिनांक 10 जनवरी, 2004 से 13 जनवरी, 2004 तक आयोजित अखिल भारतीय अन्तर्विश्वविद्यालय योगासन प्रतियोगिता में 6 छात्रों के एक दल ने विद्यापीठ की ओर से भाग लिया । कुरुक्षेत्रा विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्रा में दिनांक 20.11.2003 से 24.11.2003 तक आयोजित अखिल भारतीय अन्तर्विश्वविद्यालय मल्लयु( प्रतियोगिता में विद्यापीठ की ओर से दो सदस्यों के एक दल ने भाग लिया । इस प्रतियोगिता की व्यक्तिगत स्पर्ध में बी.एड्. के छात्रा श्री रमेश कुमार का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा । इसी क्रम में पंजाब विश्वविद्यालय, पटियाला द्वारा दिनांक 15.12.2003 से 19.12.2003 तक आयोजित अखिल भारतीय ‘बैस्ट पिफजिक’ प्रतियोगिता में मात्रा एक छात्रा श्री नरेश कुमार ;आ. द्वितीय वर्षद्ध ने 60 कि.ग्रा. वर्ग में भाग लिया तथा द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

 
  
 
 
 
 
  2006 SLBSRSV,New Delhi, All Rights Reserved FeedbackWebmaster Disclaimer         Best View : 800X600
Maintained by Computer Centre-SLBSRSV, New Delhi-16