• Monday,  June 26, 2017
:: Dr. Hari Gautam, former Chairman of UGC has been appointed as chancellor of the Vidyapeetha w.e.f. 05.05.2017 :: The Vidyapeetha has been included in the list of Universities under section 12B of the UGC, Act 1956
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  Vidyapeetha News Letter

 
Announcement
Notification Regarding Result of Entrance Exam which held on 12.06.2017   
UGC Letter regarding inclusion in the list of Deemed to be Universities under section 12 B of the UGC Act, 1956
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Notice regarding International Yoga Day
Download : Notice
Last date has been extended for admission in part time courses
Download : Notice
Notice regarding duty of officials in Entrance Examination 2017-18
Download : Notice
Last date has been extended for admission in regular and Part Time courses
Download : Notice
UGC Letter reg.: Prices of Coronary Stents
Download : Notice
Office order for research students regarding submission of Migration Certificate
Download : Notice
Last date for obtaining application form for admission in regular and part-time courses has been extended
Download : Notice
Important Notice for students
Download : Notice
Programme of Visit of Expert Committee of UGC
Notice regarding meeting of Discipline Committee
Download : Notice
Notice regarding Acharya Jyotish and Vastushastra fourth semester Practical Exam date
Download : Notice
Notice
Download : Notice
Committees constituted for the efficient coordination of inspection program of the expert committee of U.G.C.
Download : Notice
 
 
 
Vidyapeetha-Kulgeetika

 

यह संस्कृत विद्यापीठ श्रद्धेय श्रीलालबहादुरशास्त्राी जी के द्वारा सरंक्षित है। विद्यापीठ द्वारा अपनी शैशवावस्था में अखिल भारतीय संस्कृत साहित्य सम्मेलन के सहयोग से विविध महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किये गये। इस संस्था ने संस्कृत विद्वत्सम्मेलनों एवं विभिन्न समितियों का संयोजन संस्कृत-ग्रन्थों के सम्पादन और मुद्रण की व्यवस्था तथा संस्कृत-भाषण-प्रतिस्पर्धा एवं कवि-गोष्ठियों के आयोजनों से लोक में पर्याप्त ख्याति अर्जित की है।

 

भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, मूर्धन्य राजनेता श्री नरहरि विष्णु गाडगिल एवं श्रीबलवन्त नागेश दातार ने विद्यापीठ के प्रवर्तन का पथ प्रशस्त किया। दिल्ली के तत्कालीन उप-राज्यपाल डॉ. आदित्यनाथ झा आदि अधिकारियों ने इस विद्यापीठ को सरकारी अनुदान द्वारा समृद्ध किया। पण्डित-मण्डली से मण्डित डॉ. मण्डन मिश्र आदि विद्वज्जनों के समूह द्वारा इस विद्यापीठ का शैक्षणिक स्तर उन्नत किया गया।

 

श्रीमती इन्दिरा गाँधी जी तथा विभिन्न केन्द्रीय मंत्रियों ने इस विद्यापीठ का सम्पोषण किया। भारत सरकार द्वारा शास्त्री जी के स्मारक रूप में इसके अधिग्रहण करने की घोषणा कर विद्यापीठ का विकास किया। विभिन्न राजनेताओं ने इस विद्यापीठ के कार्यों का यशोगान करके इसे लोक में विशष रूप से प्रतिष्ठित किया।

 

यह विद्यापीठ सभी छात्रों के शिक्षण और संस्कृत शिक्षकों के प्रशिक्षण में सजग है। विद्यापीठ ने अपने मार्ग में आने वाले सैकड़ों विघ्न-बाधाओं का निवारण साहस के साथ किया है। हमें हर्ष है कि इसने शैशवकाल में ही विश्व के कोने-कोने में अपनी कीर्ति पताका फहराई है। ऐसा यह विद्यापीठ श्री लाल बहादुर शास्त्री जी द्वारा संभव हुआ है।

 
 
  
 
 
 
          
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